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Salient Features of the Indian Constitution (भारतीय संविधान की विशेषताएं)

Features of Indian ConstitutionFeatures of Indian Constitution

भारतीय संविधान दुनिया का सबसे अनोखा और व्यापक दस्तावेज है। यह न केवल शासन की रूपरेखा तैयार करता है, बल्कि नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। इसकी मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं:


1. विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान

भारत का संविधान विश्व का सबसे विस्तृत और लिखित संविधान है। इसे तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। इसमें कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की कार्यप्रणाली के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों का विस्तृत वर्णन है।

2. एकल संविधान और एकल नागरिकता

  • एकल संविधान: पूरे भारत (केंद्र और राज्यों) के लिए एक ही संविधान लागू होता है। केवल संसद को संविधान में संशोधन करने और राज्यों की सीमाओं में बदलाव करने का अधिकार है।
  • एकल नागरिकता: भारत का संविधान देश के प्रत्येक व्यक्ति को एकल नागरिकता प्रदान करता है। यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता ग्रहण करता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है।

3. नम्यता और अनम्यता का मिश्रण (Rigidity & Flexibility)

भारतीय संविधान न तो अमेरिका की तरह बहुत कठोर है और न ही इंग्लैंड की तरह बहुत लचीला। यह दोनों का एक अनूठा मिश्रण है। 'अनम्यता' का अर्थ है कि कुछ संशोधनों के लिए संसद में 2/3 बहुमत की आवश्यकता होती है।

4. संसदीय शासन प्रणाली

भारत में ब्रिटेन की तरह संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया गया है, जिसमें वास्तविक शक्ति जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों (संसद) के पास होती है।

5. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise)

भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव (जाति, धर्म, लिंग या वंश) के मतदान करने का अधिकार प्राप्त है।

6. मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य

  • मौलिक अधिकार: ये अमेरिका के संविधान से लिए गए हैं। मूल संविधान में इनकी संख्या 7 थी, लेकिन 44वें संशोधन के बाद 'संपत्ति के अधिकार' को हटा दिया गया, अब इनकी संख्या 6 है।
  • मौलिक कर्तव्य: इन्हें 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था। वर्तमान में मौलिक कर्तव्यों की कुल संख्या 11 है।

7. राज्य के नीति निर्देशक तत्व (DPSP)

ये आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं और अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं। इनका उद्देश्य एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना करना है ताकि जनता का जीवन सुखी और समृद्ध बन सके।

8. त्रि-स्तरीय आपातकालीन उपबंध

संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल का प्रावधान है, जिनकी घोषणा राष्ट्रपति द्वारा की जाती है:

  1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352)
  2. राजकीय आपातकाल / राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356)
  3. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360)

9. स्वतंत्र न्यायपालिका

भारतीय संविधान एक स्वतंत्र और एकीकृत न्यायपालिका सुनिश्चित करता है, जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है और संविधान की व्याख्या करती है।